नई दिल्ली। चुनाव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तुलना कुत्ते से करना KCR को भारी पड़ गया। चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन करने पर बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR)पर 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने से रोक लगा दी है। कांग्रेस नेता जी निरंजन की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।
चुनाव आयोग का से प्रतिबंध बुधवार रात आठ बजे से प्रभावी हो जाएगा। केसीआर अगले 48 घंटे तक चुनावी सभा, सार्वजनिक बैठकें, रैलियाें और जुलूस में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही के चंद्रशेखर राव पर इस अवधि के दौरान इंटरव्यू देने और सभी मीडिया प्लेटफार्मों पर कोई भी बयान देने पर रोक होगी।
5 अप्रैल को KCR ने की थी विवादित टिप्पणी
चुनाव आयोग ने अपने बयान में 5 अप्रैल को सिरसिला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राव द्वारा की गई टिप्पणियों की निंदा की है। चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है। राव ने अपने बचाव में आयोग को सौंपे गए जवाब में कहा गया था कि उनके भाषण का अंग्रेजी भाषा में गलत अनुवाद किया गया है।
राव ने दावा किया था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया था। हालांकि, चुनाव आयोग केसीआर की ओर से सौंपे गए जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। आयोग ने माना है कि केसीआर ने जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया है वह आचार संहित के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तुलना कुत्तों से की थी, लतखोर बताया
कांग्रेस नेता जी निरंजन ने चुनाव आयोग से की गई अपनी शिकायत में यह आरोप लगाया था कि केसीआर ने कांग्रेस के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। राव ने कथित तौर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तुलना कुत्तों से की थी और उनके लिए “लतखोर” (आवारा) शब्द का इस्तेमाल किया था।
इस तरी के शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी थी। इस बात पर गौर करते हुए चुनाव आयोग ने संविधान के आर्टिकल 324 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केसीआर के खिलाफ कार्रवाई की।



