नई दिल्ली। चुनाव आयोग में जारी मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच शनिवार को तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक हुई। निर्वाचन सदन में दोपहर 3 बजे हुई बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे। बैठक ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट सामने आई है।
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संधू और जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों आयुक्तों ने ऐसे फैसलों और आदेशों पर सवाल उठाए, जिन्हें उनके अनुसार उनकी जानकारी के बिना जारी किया गया था।
किन मुद्दों पर आपत्ति जताई गई?
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां मतदाता पंजीकरण, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा मतदाता सूची के डेटाबेस तक पहुंच से जुड़े मुद्दों पर थीं। इनमें नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलाव का मुद्दा भी शामिल था।
फॉर्म-6 में नए मतदाताओं से पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की मतदाता सूची में उनके या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, विवेक जोशी ने मई में इस बदलाव को लेकर आपत्ति दर्ज की थी और सुखबीर सिंह संधू ने भी इस पर सहमति जताई थी।
वोटर डेटाबेस पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची के डिजिटल डेटाबेस तक पहुंच के केंद्रीकरण को लेकर सवाल उठाए। विवेक जोशी ने मई में मतदाता डेटाबेस के धीरे-धीरे केंद्रीकरण की बात उठाई थी। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट का सुझाव दिया था कि बदलाव करने का अधिकार संबंधित वैधानिक अधिकारियों तक ही सीमित रहे।
सुखबीर सिंह संधू ने भी अगस्त में राज्य स्तर के चुनाव अधिकारियों की ओर से डिजिटल प्रणाली तक पूरी पहुंच नहीं होने की बात दर्ज की थी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर और अधिकारियों की पहुंच के संबंध में सवाल उठाए थे।
चार महीने बाद हुई पूर्ण बैठक
द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इससे पहले 9 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण बैठक हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह चार महीने में तीनों आयुक्तों की पहली पूर्ण बैठक थी।
शनिवार की बैठक ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उससे जुड़े प्रशासनिक फैसलों को लेकर दर्ज आपत्तियों की रिपोर्ट सार्वजनिक चर्चा में है। शनिवार को तीनों आयुक्तों की बैठक की पुष्टि एनडीटीवी ने भी की है।




