बीजापुर | जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम संगमपल्ली (मद्देड) में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने प्रदर्शन किया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की मौजूदगी के बीच शराब दुकान के गेट को तोड़ दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा की सहमति और स्थानीय लोगों की इच्छा के बिना गांव में शराब दुकान खोली जा रही है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में नशाखोरी बढ़ेगी और सामाजिक माहौल प्रभावित होगा।
महिलाओं ने उठाई आवाज, प्रशासन से की दुकान हटाने की मांग
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान देना चाहिए, न कि शराब की दुकानें खोलने पर। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित शराब दुकान को तत्काल हटाया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने दिया समर्थन
ग्रामीणों के प्रदर्शन को कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी का समर्थन मिला। वह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा।
विधायक ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलना युवाओं के भविष्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए, लेकिन इसके बजाय शराब की दुकानें खोली जा रही हैं।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
विक्रम मंडावी ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आदिवासी इलाकों में नशे का विस्तार समाज के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों की मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शराब दुकान का प्रस्ताव रद्द करने की अपील की।
ग्रामीणों ने जताई सामाजिक नुकसान की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि शराब दुकान खुलने से घरेलू हिंसा, विवाद और युवाओं में नशे की आदत बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इसका असर परिवारों की आर्थिक स्थिति और खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।




