मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए छत्तीसगढ़ में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एचआईवी नियंत्रण अभियान में जिले ने 95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त कर प्रदेश का पहला जिला बनने का गौरव हासिल किया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में जिले ने एचआईवी संक्रमण की पहचान, उपचार और वायरस नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। इस उपलब्धि ने एमसीबी को राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित किया है।
95-95-95 लक्ष्य में एमसीबी का शानदार प्रदर्शन
एचआईवी संक्रमण पर नियंत्रण के लिए निर्धारित 95-95-95 लक्ष्य के तहत जिले ने तीनों महत्वपूर्ण चरणों में बेहतर प्रदर्शन किया।
- पहला 95 प्रतिशत लक्ष्य (एचआईवी पहचान एवं जांच):
संभावित एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की समय पर पहचान और जांच सुनिश्चित करते हुए जिले ने पहला लक्ष्य हासिल किया। - दूसरा 95 प्रतिशत लक्ष्य (उपचार से जोड़ना):
एचआईवी संक्रमित पाए गए मरीजों को तत्काल एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़कर उपचार की निरंतरता सुनिश्चित की गई। - तीसरा चरण (वायरल लोड नियंत्रण):
मरीजों में वायरस की सक्रियता को कम करने के लक्ष्य के तहत एमसीबी जिले ने 98 प्रतिशत वायरल लोड सप्रेशन प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय मानकों के बेहद करीब है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम के समर्पण से मिली सफलता
जिले में एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने में जिला नोडल अधिकारी डॉ. मो. वसीक अस्दक और जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निर्देशन में मैदानी स्तर पर अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
इस सफलता में आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) के काउंसलरों का योगदान भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। श्रीमती निशा सिंह और श्री विजेंद्र खटकर ने मरीजों की काउंसलिंग, नियमित फॉलोअप और उपचार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
टीमवर्क बना उपलब्धि की वजह
एमसीबी जिले की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम का सामूहिक प्रयास रहा। दिशा टीम, आईसीटीसी केंद्र, एआरटी केंद्र, विशेषज्ञ चिकित्सक, लैब तकनीशियन और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों ने बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया।
भविष्य में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संकल्प
इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, काउंसलरों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की है। प्रशासन ने एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार की उपलब्धता और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
एमसीबी जिले की यह उपलब्धि केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि बेहतर नेतृत्व, टीमवर्क और जनस्वास्थ्य के प्रति समर्पण का उदाहरण है। यह उपलब्धि आने वाले समय में पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रेरणादायी मॉडल साबित होगी।




