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क्यों होती है सिकल सेल बीमारी? जानिए इसके लक्षण, बचाव और उपचार

  • July 25, 2024
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नई दिल्ली : कई बार आपको शरीर के किसी हिस्से में तेज और असहनीय दर्द महसूस होता है। यह सिकल सेल की वजह से भी हो सकता है। क्या आपने सिकल सेल बीमारी के बारे में सुना है? सिकल सेल को ‘द्रुमिका कोशिका’ या ‘द्रुमिका एनीमिया’ भी कहा जाता है। यह एक आनुवंशिक विकार है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य रूप से सिकल के आकार की हो जाती हैं। यह विकार हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन में उत्परिवर्तन के कारण होता है, जो रक्त में ऑक्सीजन के संचार के लिए जिम्मेदार होता है। रक्त कोशिकाओं के सिकल के आकार में बदलने से पीड़ित को असहनीय दर्द महसूस होता है, जिस वजह से वह दैनिक कार्यों को भी नहीं कर पाता है। लेकिन यह क्यों होता है और इसके उपाय क्या हैं, यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

क्या है वजह

सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक स्थिति है, जो कि मुख्यतः माता-पिता से मिले जीन से आती है और इसके बारे में पता भी तभी चलता है, जब ब्लड टेस्ट कराया जाता है। इस स्थिति में असामान्य आकार की लाल रक्त कोशिकाएं टूट जाती हैं और रक्त वाहिकाओं में फंस सकती हैं, जिससे रक्त प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। यह अवरोध ऑक्सीजन की कमी और प्रभावित अंगों एवं ऊतकों में दर्द का कारण बनता है, जिसे सिकल सेल संकट कहा जाता है।

लक्षणों की पहचान

सामान्य सर्दी-जुकाम, बुखार, पित्ताशय की पथरी, बच्चों का विकास न होना, लीवर में सूजन और बार-बार बीमार होना इस बीमारी के लक्षण हो सकते हैं, जिसका कारण हेल्दी रेड ब्लड सेल्स की तुलना में सिकल कोशिकाओं का आसानी से टूटना है। इससे लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर कम हो सकता है, जिसे एनीमिया के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा हाथ-पैर में दर्द, सूजन, पीलिया, आंखें सफेद होना इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

इलाज भी जान लें

वर्तमान में सिकल सेल रोग का प्रभावी इलाज स्टेम सेल प्रत्यारोपण है, लेकिन सिकल सेल्स की समस्या में उपचार अलग-अलग तरीके से किए जाते हैं। रोगी की स्थिति के अनुसार चिकित्सक इलाज करते हैं। कई बार ब्लड में ऑक्सीजन बढ़ाने वाली दवाएं भी दी जाती हैं। हालांकि कुछ दवाएं गर्भावस्था के दौरान नहीं ली जा सकतीं, जिनका आपको ध्यान रखना होगा।

सही मात्रा में पानी

हाइड्रेट रहना इस समस्या से दूर रहने का सबसे प्रभावी और आसान तरीका है। सही मात्रा में पानी पीने से रक्त पतला होता है और कोशिकाओं के फंसने का खतरा कम हो जाता है। वहीं, दर्द निवारक दवाएं भी आराम पहुंचाती हैं। फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेने से नई लाल रक्त कोशिकाएं बनने लगती हैं और आपको इस बीमारी से उबरने में मदद मिलती है।


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