नई दिल्ली : आपने अपने घर में या पड़ोस में नन्हें शिशुओं की बाल सुलभ क्रियाओं पर ध्यान दिया होगा। आमतौर पर 01 माह से 3 माह तक के बच्चे आसपास चीजें पहचानने का प्रयास करते हैं या फिर नींद में कभी हँसते और कभी रोते दिखते हैं। तीन महीने के बच्चे थोड़ा हाव भाव पर प्रतिक्रिया भी देने लगते हैं। दरअसल इन दौरान नन्हे बच्चों की इंद्रियां तेजी से काम करती हैं और वह आपकी बातों पर भी हंसकर या रोकर प्रतिक्रिया देते हैं। इस समय तक वह अपने आसपास के चेहरे को पहचानने भी लगते हैं। लेकिन क्या हो अगर कोई बच्चा तीन महीने की उम्र में 50 से अधिक पशु-पक्षियों को पहचानकर उनके नाम समझ जाए? जाहिर है कि आप हैरान होंगे या इस बात को गलत करार देंगे।
हाल ही में एक तीन महीने की बच्ची अपने इसी अनोखे टैलेंट की वजह से काफी सुर्खियां बटोर रही है। यह तीन माह की बच्ची 50 से भी अधिक जानवरों, पक्षियों और फलों को पहचान लेती है। ऐसे में बच्ची का आईक्यू लेवल देखकर हर कोई हैरान हो रहा है। ऐसे में जब अमर उजाला ने इस बच्ची की मां से बात चीत की तो उन्होंने और भी कई रोचक जानकारियां साझा की।
6 महीने की मायशा का जन्म 1 जनवरी 2024 को हुआ था। मायशा की मां सलोनी जैन का कहना है कि वह जब डेढ़ महीने की थी तब से ही वह उसे पशु-पक्षियों के चित्र देखकर उनके नाम बताती थीं। इस दौरान मायशा बड़ी सक्रियता के साथ उसे देखा करती थी। लगातार इस एक्टिविटी को करते रहने से धीरे-धीरे मायशा पशु-पक्षियों की तस्वीर देखकर उनके नाम पहचान लेती है। सलोनी का कहना है कि यह एक्टिविटी उन्होंने केवल मनोरंजन के लिए शुरू की थी, लेकिन इसमें मायशा की रूची देखकर उन्होंने इसको जारी रखा। हाल ही में सलोनी ने मायशा को पीरियोडिक टेबल दिखाना भी शुरू कर दिया है।
खास बात ये है कि मायशा की मां उसे मोबाइल या टीवी स्क्रीन से काफी दूर रखती हैं। जहां एक ओर आज के दौर के बच्चे जन्म लेते ही मोबाइल की स्क्रीन देखना शुरू कर देते हैं। वहीं मायशा फ्लैश कार्ड्स देखा करती है और इतनी कम उम्र में पशु-पक्षियों, फलों और सब्जियों के नाम भी पहचान लेती है। सलोनी का कहना है कि वह मायशा के साथ 10 मिनट के लिए यह एक्टिविटी रोजाना दो बार करती हैं।
तीन महीने की उम्र में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
मायशा जब तीन महीने की थी तब वह 50 से भी अधिक जानवरों और पक्षियों के नाम पहचान लेती थी। मायशा जैन की इस कुदरती प्रतिभा को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन ने भी सराहा है। अपनी कमाल की याददाश्त के साथ मायशा जैन ने 3 माह की उम्र में 54 प्राणी-पक्षियों को पहचानकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इसके लिए सलोनी ने मायशा की अनोखी काबिलियत को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन तक पहुंचाया, जिसके बाद उसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
मायशा के भविष्य को लेकर सलोनी ने कहा कि वह उनके आने वाले कल को बेहतर बनाना चाहती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर मायशा जिस भी फील्ड में जाना चाहेगी वह उसे पूरा सपोर्ट करेंगी।




