Chanamurraa

धान खरीदी के लिए इस साल 360 नए उपार्जन केंद्र तैयार,मंत्रिमंडलीय समिति ने की तैयारियों की समीक्षा

  • September 25, 2026
  • 1 Views
Spread the love

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में गुरूवार 24 सितंबर को आयोजित मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक में धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में किसानों की सुविधा, धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था, जूट बारदानों की उपलब्धता तथा कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की प्रगति पर की गई।

बैठक में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा वित्त मंत्री ओपी. चौधरी शामिल हुए। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

360 नए धान खरीदी केंद्र 
बैठक में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 360 नवीन धान खरीदी केंद्र खोले गए हैं। इन नए केंद्रों में धान खरीदी से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने नवीन खरीदी केंद्रों में धान उपार्जन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी जरूरी संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप समिति ने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया किसान-केंद्रित हो तथा खरीदी केंद्रों पर किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था
धान उपार्जन के लिए बारदानों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मंत्रिमंडलीय उप समिति ने आवश्यक नए एवं पुराने जूट बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि विपणन संघ द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। अब तक विपणन संघ को 1.14 लाख गठान नए जूट बारदाने प्राप्त हो चुके हैं। उप समिति ने शेष आवश्यक बारदानों की उपलब्धता भी समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि धान खरीदी के दौरान बारदानों की कमी के कारण उपार्जन व्यवस्था प्रभावित न हो।

कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने की गति बढ़ाने के निर्देश
बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कस्टम मिलिंग की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कस्टम मिलिंग के अंतर्गत कुल 89 लाख टन चावल जमा करने का लक्ष्य है। इसमें से अब तक 37.50 लाख टन चावल जमा किया जा चुका है, जबकि मिलरों द्वारा 51.50 लाख टन चावल जमा किया जाना शेष है। कस्टम मिलिंग का चावल जमा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक की समय-सीमा निर्धारित है। मंत्रिमंडलीय उप समिति ने शेष चावल की मात्रा को देखते हुए कस्टम मिलिंग एवं चावल जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों से इसकी नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर चावल जमा कराना सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक जितेन्द्र शुक्ला, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक विलास भोसकर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार एवं सहकारी संस्थाओं के पंजीयक  रमेश कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


Spread the love