नई दिल्ली: लंबे समय से सातवें वेतन का इंतजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों को अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। कर्नाटक सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन देने का ऐलान किया है। दरअसल, सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। जिसमें प्रदेश के कर्मचारियों के लिए भी खजाना खोला गया। सातवें वेतन लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन में बंपर इजाफा होगा।
दरअसल, सरकारी कर्मचारियों ने लंबे समय से 7वां वेतन आयोग लागू करने के लिए लगतार मांग कर रहे थे। इसे लेकर कर्नाटक राज्य सरकार कर्मचारी संघ द्वारा अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले थे। लेकिन इससे पहले सिद्धारमैया सरकार ने फैसला करते हुए कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया मंगलवार को विधानसभा में इस फैसले की घोषणा कर सकते हैं। इस कदम से राज्य सरकार के सात लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक सीएम सिद्धरमैया के इस फैसले से जहां राज्य कर्मचारियों को फायदा होगा और उनकी सैलरी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी, तो वहीं राज्य सरकार के खजाने पर भारी बोझ पड़ने वाला है। पूर्व मुख्य सचिव के सुधाकर राव की अध्यक्षता वाले सातवें वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन में 27.5 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की है। अनुमान जताया गया है कि इसे लागू करने के बाद सरकारी खजाने पर सालाना 17,440.15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
पूर्व सीएम ने 17 प्रतिशत की वृद्धि की थी
आपको बता दें कि तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मार्च 2023 में कर्मचारियों के वेतन में अंतरिम तौर पर 17 प्रतिशत की वृद्धि की थी। इसमें सिद्धरमैया सरकार 10.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है। सूत्रों ने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत इससे मूल वेतन पर कुल 27.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।




