राजनांदगांव। दैनिक वेतन भोगी के रूप में (मस्टररोल) कर्मचारियों द्वारा हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर की गई थी, जिस पर उच्च न्यायालय द्वारा आदेश पारित कर पुनः उन्हें कार्य में रखने का आदेश जारी हुआ है। मगर निगम प्रशासन की लापरवाही के चलते इसपर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसके चलते शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा सफाई कामगार के साथ आज नगर निगम कार्यालय पहुंचे और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कर्मचारियों को वापस कार्य में रखने की मांग की।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष छाबड़ा ने बताया कि दैनिक वेतन भोगी (मस्टररोल) कर्मचारी के रूप में पूर्व में कार्यरत लगभग 100 कर्मचारियों को हटा दिया गया था, जिस पर कर्मचारियों द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पुनः कार्य में रखने की मांग की गई थी। जिस पर उच्च न्यायालय बिलासपुर के डब्ल्यूपीएस नंबर 348/2024 में पारित आदेश के अनुसार दैनिक वेतन भोगी के रूप में (मस्टररोल) कर्मचारियों को नगर निगम में वापस रखे जाने का आदेश दिया था।
कोर्ट के आदेश की कापी एवं नगर निगम में रखे जाने के लिए इन कर्मचारियों द्वारा कई बार आवेदन देने दिया गया है। बावजूद इन्हें कार्य में नहीं रखा गया है। निगम की उदासीनता के चलते वैसे भी शहर में सफाई व्यवस्था बुरी तरीके से चरमराई हुई है। धूल और गंदगी से शहर भरा हुआ है और सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण शहर में सफाई व्यवस्था ठीक से नहीं होने से शहर की जनता को संक्रमण और कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।




