रायपुर। सितंबर खत्म होने में महज पांच दिन बाकी हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में 25.45 लाख राशन कार्डधारी परिवारों को अब तक चावल नहीं मिल पाया है। प्रदेश में कुल 83,31,947 राशन कार्ड पंजीकृत हैं। इनमें से 69.46% कार्डों पर ही सितंबर का खाद्यान्न वितरित हुआ है। यानी 30.54% कार्डधारी अभी राशन का इंतजार कर रहे हैं।
राशन वितरण के मामले में सुकमा और बीजापुर की स्थिति सबसे कमजोर है। सुकमा में सिर्फ 40.90% और बीजापुर में 42.39% कार्डों पर ही चावल पहुंचा है। इसके मुकाबले मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 81.58%, धमतरी में 81.17% और सूरजपुर में 80.35% वितरण हुआ है।
राजधानी रायपुर में भी वितरण की रफ्तार धीमी है। जिले के 6,63,072 राशन कार्डों में से 66.79% पर ही खाद्यान्न पहुंच पाया है। कई दुकानों में आठ से 10 दिन से चावल नहीं पहुंचने की शिकायत सामने आई है।
परिवहन वाहनों की कमी बनी वजह
राशन दुकानदारों के मुताबिक नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से चावल लाने के लिए पर्याप्त परिवहन वाहन नहीं मिल रहे हैं। वहीं, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में अतिरिक्त आवंटन भी दिखाई नहीं दे रहा है। इसके कारण दुकानदारों को खाद्यान्न उठाव में परेशानी हो रही है।
सितंबर-अक्टूबर का राशन एक साथ देने का आदेश
शासन ने एपीएल को छोड़कर अन्य कार्डधारियों को सितंबर और अक्टूबर का खाद्यान्न एक साथ देने का आदेश दिया था। हालांकि सितंबर का राशन ही समय पर नहीं पहुंचने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा के अनुसार, जिन दुकानों में सॉफ्टवेयर पर अतिरिक्त आवंटन नहीं दिख रहा है, वहां हितग्राही वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत दूसरी दुकान से भी खाद्यान्न ले सकते हैं। जहां राशन उपलब्ध है, वहां दुकानदार हितग्राही को राशन देने से मना नहीं कर सकता।




