नई दिल्लीः मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश कर दिया है। निर्मला सीतारमण ने बतौर वित्त मंत्री यह बजट पेश किया। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने मंत्रालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचीं, जहां राष्ट्रपति ने उन्हें दही-चीनी खिलाई। इसके बाद वह संसद भवन पहुंचीं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण सुबह 11 बजकर 3 मिनट पर शुरू किया। इस दौरान उन्होंने कई बड़े ऐलान किए। वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को पांच सालों तक बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ‘भारत की अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है, और आगे भी इसके जारी रहने की उम्मीद है। महंगाई लगातार कंट्रोल में है। खाने-पीने की चीजें भी पहुंच में हैं। जैसा कि अंतरिम बजट में कहा था – गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता – हम इन चार जातियों पर फोकस करना चाहते हैं। एक महीने पहले हमने लगभग सभी मेजर फसलों पर बढ़ी हुई एमएसपी की घोषणा की है। 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना चल रही है।’
बजट में पहले ऐलान की जा चुकी कुछ योजनाओं को भी शामिल किया है। खेती में रिसर्च को ट्रांसफॉर्म करना, एक्सपर्ट की निगरानी, जलवायु के मुताबिक नई वैरायटी को बढ़ावा देंगे। नेचुरल फॉर्मिंग से अगले एक साल में एक करोड़ किसान इससे जुड़ेंगे। दाल और दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए प्रोडक्शन, स्टोरेज और मार्केटिंग पर फोकस करेंगे। सरकार का फोकस सरसों, मूंगफली, सनफ्लॉवर और सोयाबीन जैसी फसलों पर होगा।




