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Vishnudev Sai Cabinet Meeting: विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक में कृषक उन्नति योजना सहित कई अहम फैसला …. राजीव नगर आवास योजना का नाम अब …. योजना

  • March 7, 2024
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रायपुर : छत्तीसगढ़ नवा रायपुर में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए खरीफ 2023-24 से कृषक उन्नति योजना लागू करने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट की बैठक में राज्य के किसानों की आय, फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने तथा फसल की कास्त लागत में कमी करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है।

विकेन्द्रीकृत चांवल उपार्जन के लिए भारत सरकार से हुए एमओयू को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना शुरू की जा रही है। मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया कि कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन संबंधी प्रस्ताव अनुसार खरीफ वर्ष 2023 में धान खरीदी के आधार पर किसानों को प्रति एकड़ 19,257 रूपए के मान से आदान सहायता राशि प्रदाय की जाएगी इसके लिए नोडल एजेंसी नियुक्त कर दी गई है।

मीसा बंदियों के लिए राशि का प्रस्ताव

मंत्रिपरिषद की बैठक में लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) की सम्मान निधि को फिर से प्रारंभ करने और बकाया राशि प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। प्रदेश में 2018 की स्थिति में 430 लोकतंत्र सेनानियों/आश्रितों को प्रतिवर्ष करीब 9 करोड़ रूपए की सम्मान राशि प्रदान की जाती थी। इस योजना को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 23 जनवरी 2020 तथा 29 जुलाई 2020 को अधिसूचना जारी कर निरस्त कर दिया गया था।

मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च न्यायालय द्वारा 26 मई 2020 को पारित आदेश के परिपालन में उपरोक्त दोनों अधिसूचनाओं को निरस्त करते हुए लोकतंत्र सेनानियों (मीसाबंदियों) की सम्मान निधि को फिर से प्रारंभ करने और बकाया राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन

बैठक में प्रदेश में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के सर्वाेत्तम संभव उपयोग हेतु और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पृथक विभाग का गठन किया गया है। इस विभाग के गठन से बेहतर प्रशासन के साथ जनता तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। डिजिटल गवर्नेंस के तहत प्रशासन के सभी स्तरों पर डिजिटलाईजेशन को बढ़ावा देते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इस विभाग के अंतर्गत अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण शिक्षण संस्थान और छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग आएंगेे।

राजीव नगर आवास योजना अब अटल विहार योजना कहलाएगी

गौरतलब है कि आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा 2011 में विकास नगर योजना के तहत ई.डब्ल्यू.एस. एवं एल.आई.जी. भवनों के लिए अनुदान एवं शासकीय भूमि आबंटन के लिए योजना का नामकरण अटल विहार योजना किया गया था। जिसे वर्ष 2021 में बदलकर राजीव नगर आवास योजना कर दिया गया था। मंत्रिपरिषद की बैठक में इस योजना का नामकरण पुनः अटल विहार योजना करने का निर्णय लिया गया। अन्य अहम फैसला सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अंत्योदय एवं प्राथमिकता राशनकार्डधारियों को अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक आवश्यक शक्कर वितरण के लिए राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से शक्कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।

शक्कर का क्रय मूल्य 35,000 रूपए प्रति टन (एक्स फैक्टरी और जीएसटी अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में आतंकवाद, नक्सलवाद, वामपंथी उग्रवादी जैसे विशेष मामलों, प्रकरणों में त्वरित एवं प्रभावी अनुसंधान एवं अभियोजन के लिए राज्य इनवेस्टिगेशन एजेंसी के गठन का निर्णय लिया गया। यह एजेंसी राष्ट्रीय इनवेस्टिगेशन एजेंसी के साथ समन्वय के लिए राज्य के नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए एक पुलिस अधीक्षक सहित कुल 74 नवीन पदों का निर्माण किया गया है।

छत्तीसगढ़ सर्वविभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ एवं छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ द्वारा की गई मांग को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के नियम 13 (1) में आंशिक संशोधन किया गया, जिसके तहत संविदा पर नियुक्त कर्मचारी को 18 दिनों के आकस्मिक अवकाश के स्थान पर 30 दिनों के आकस्मिक अवकाश की पात्रता होगी। अनुकम्पा नियुक्तियों के आवेदकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि कलेक्टर कार्यालय में अग्रेषित होकर आवेदन प्राप्त होने पर जिला कलेक्टर द्वारा जिले में अधीनस्थ कार्यालयों में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु रिक्त पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी।

जिले में किसी भी कार्यालय में अनुकम्पा नियुक्ति के रिक्त पद उपलब्ध न होने पर आवेदन संभागीय आयुक्त कार्यालय में प्रेषित किया जाएगा। संभागीय आयुक्त अपने अधीनस्थ जिले जहां पर पद रिक्त होंगे उस जिले के कलेक्टर को प्रकरण अग्रेषित करेंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण कलेक्टर और संभाग आयुक्त द्वारा किया जाएगा।

उच्च शिक्षा विभाग में लागू होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वागींण विकास होगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एकाधिक प्रवेश एवं एकाधिक निकास की सुविधा होने से युवाओं को परिस्थिति एवं आवश्यकतानुसार उच्च शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा। ग्रेड आधारित निरंतर मूल्यांकन और आंतरिक मूल्यांकन होने से विद्यार्थियों को अंतिम परीक्षा के तनाव से मुक्ति मिलेगी। उच्च शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापक विस्तार से प्रदेश के युवाओं की पहुंच वैश्विक स्तर तक हो जाएगी।

केेन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग का गठन किया गया है। इसी तर्ज पर राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ का नाम परिवर्तन कर राज्य नीति आयोग छत्तीसगढ़ करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट प्रस्तुत करते समय छत्तीसगढ़ की वर्तमान जीएसडीपी 5 लाख करोड़ को आगामी 5 सालों में 10 लाख करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 10 आधारभूत रणनीतिक स्तम्भों पर भी फोकस किया गया है।

आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं से परामर्श करने तथा देश और दुनिया में चल रहे बेस्ट प्रैक्टिस को छत्तीसगढ़ की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन करने का निर्णय लिया गया। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था उन्नयन योजना के संबंध में टाटा टेक्नालाॅजी के साथ हुए अनुबंध को राज्य के हित में नहीं पाए जाने की स्थिति में अनुबंध को समाप्त करने और एस्क्रो अकाउंट में जमा राशि 185.80 करोड़ को राज्य की कोष में जमा कराने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण द्वारा 46 संविदा प्रशिक्षण अधिकारी की संविदा सेवा में वृद्धि/नवीनीकरण करने का निर्णय लिया गया। सन्निर्माण उपस्कर यान (कन्स्ट्रक्शन इक्युपमेंट व्हीकल) जीवन काल का उदग्रहण के लिए छत्तीसगढ़ मोटर यान कराधान अधिनियम 1991 के संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया। बैटरी चलित यान से भिन्न यान पर नवीन पंजीयन, पंजीयन नवीनीकरण अथवा प्रत्येक नामांतरण दर्ज करने के समय हरित कर के उदग्रहण के लिए छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया।


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