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‘मन की बात’ छिपाएं नहीं, साझा करें: केरलापाल में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान

  • September 10, 2026
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सुकमा,

जंगल और दूरस्थ गांवों के बीच रहने वाला कोई व्यक्ति जब भीतर से टूट रहा हो, तो उसकी खामोशी को समझना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर केरलापाल थाना परिसर में बुधवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश गूंजा। “बातचीत की शुरुआत करें” थीम के साथ आयोजित इस अभियान में पुलिस जवानों, स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों को मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या के विचारों से जूझ रहे लोगों की पहचान कर समय पर मदद पहुंचाने के लिए जागरूक किया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह तथा सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य समिति, सुकमा द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत यह आयोजन किया गया।

   कार्यक्रम में केरलापाल थाना प्रभारी श्री सिराज खान ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना आज की बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में कई लोग मानसिक परेशानी को लेकर संकोच के कारण अपनी समस्या साझा नहीं कर पाते। ऐसे में परिवार, समाज, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव, लगातार उदासी, अकेलापन, निराशा या असामान्य चुप्पी दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय उसके साथ संवाद करना और सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।

    जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की साइकेट्रिक सोशल वर्कर रीना नायडू और कम्युनिटी नर्स योगेश सिन्हा ने तनाव, अवसाद और आत्महत्या के विचारों के शुरुआती संकेतों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पारिवारिक परेशानी, आर्थिक दबाव, सामाजिक तनाव और लंबे समय तक बना अकेलापन व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसे समय में एक संवेदनशील बातचीत, परिवार का साथ और समय पर काउंसलिंग किसी की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। टीम ने स्पष्ट किया कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है और मानसिक परेशानी को छिपाने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना मदद की दिशा में पहला कदम है।

   डीपीएम गीतू हरित तथा नोडल डॉ. प्रवीण तेली के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी देते हुए बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता और परामर्श के लिए इस सेवा का उपयोग किया जा सकता है। अभियान में केरलापाल थाने के पुलिस जवान, स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि किसी की खामोशी को कमजोरी नहीं, मदद की पुकार समझना होगाकृक्योंकि समय पर की गई एक बातचीत जिंदगी को नया रास्ता दे सकती है।


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