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इन गांवों में आज भी बोली जाती है संस्कृत भाषा, जानिए क्या यूपी का है कोई गांव

  • July 30, 2024
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नई दिल्ली : वर्तमान समय में भारत में लोग प्राचीन भाषाओं को छोड़कर हिंदी और अंग्रेजी में अधिक करते हैं। हालांकि, अभी भी कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर लोग संस्कृत में बात करते हैं। भारत में संस्कृत का इतिहास काफी पुराना है। संस्कृत से कई भाषाओं को जन्म हुआ है, जिन्होंने लोगों के अपनी जगह बना ली है। हालांकि, संस्कृत धीरे-धीरे लोगों के बोलचाल से गायब हो गई। अब आमतौर पूजा-पाठ के मंत्रों में संस्कृत भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, भारत के कुछ गांवों में अभी भी संस्कृत भाषा ही बोलचाल की मुख्य भाषा है।

महर्षि पाणिनी संस्कृत भाषा के जनक थे। माना जाता है कि भारत में प्राचीन समय संस्कृत ही बोलचाल की भाषा थी। फिर धीरे-धीरे संस्कृत से निकली भाषा अपनी जगह बना लीं। आज हम आपको पांच ऐसी जगहों के बारे में बताते हैं, जहां आज भी बोलचाल की भाषा संस्कृत है।

मत्तूर

कर्नाटक के शिमोगा जिले में मत्तूर गांव स्थित है, जहां आज भी लोग संस्कृत बोलते हैं। तुंगा नदी के स्थित मत्तूर गांव के लोगों की प्रथम भाषा संस्कृत ही है। दिलचस्प बात यह है कि इस गांव में आपको डॉक्टर से लेकर इंजीनिय तक मिल जाएंगे। शिमोगा जिले में होसी हल्ली गांव में भी संस्कृत बोली जाती है।

झिरी

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित झिरी गांव बच्चे-बुजुर्ग सभी संस्कृत में बात करते हैं। यहां के लोगों की प्रथम भाषा यही है।

सासन

ओडिशा के गुर्दा जिले में सासन गांव स्थित है। इस गांव में ही संस्कृत गीतकार जयदेव का जन्म हुआ था। इस गांव में भी लोगों की मुख्य भाषा संस्कृत है। यहां पर भी लोग इसी भाषा में बातचीत करते हैं।

बघुवार

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में बघुवार में आज भी लोग संस्कृत भाषा में बात करते हैं। यहां पर हर व्यक्ति संस्कृत भाषा में बात करता है।


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